जिले के विद्यालयों में उजास चरण पादुका अभियान के बाद स्कूल छोड़ने वाली बेटियों के लिए ‘स्कूल पधारो बाईसा’ अभियान

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नागौर जिले में एक हजार से अधिक ऐसी बेटियां, जो शिक्षा से वंचित हैं। उन्हें विद्यालय की चौखट तक लाने के लिए अब जिले में ‘स्कूल पधारो बाइसा‘ नाम से अभियान चलेगा। कलेक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी के मार्गदर्शन में इस नवाचार की शुरूआत 6 दिसम्बर से की जाएगी। इस से पूर्व जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी के नवाचार उजास अभियान में जिले के समस्त सरकारी स्कूलों को विद्युत कनेक्शन से जोड़ने की योजना का सफल अभियान पूरे राजस्थान में सराहा गया वहीं गरीब नंगे पांव स्कूल पहुंचने वाले बच्चों के लिए चरण पादुका अभियान संचालित है। इसी नवाचार के तहत जिला कलेक्टर सोनी द्वारा विद्यालय से ड्रॉपआउट बालिकाओं के लिए स्कूल पधारो बाईसा के नाम से नया नवाचार जिले में आरंभ किया गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स आमुखीकरण तथा बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। अभियान ‘स्कूल पधारो बाइसा‘ को सफलता बनाने का काम शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर करेंगे। इस अभियान में शिक्षक समुदाय के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सक्रिय भागीदारी निभाएगी। अभियान के तहत जिले की उन 1 हजार 147 बालिकाओं को शामिल किया गया है, जो विद्यालय पढ़ने के लिए नहीं जा पा रही है। कलेक्टर सोनी ने निर्देश दिए कि बेटियों के कल्याण के लिए संचालित की जा रही सरकारी योजनाओं और इससे जुड़ी पात्रता की जानकारी देने वाली यह बुकलेट भी प्रकाशित करवाई जाएगी। बुकलेट तैयार होने के बाद इसका डिजिटल सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रचार भी किया जाएगा। इस बुकलेट को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा महिला अधिकारिता विभाग संयुक्त रूप से तैयार करेंगे।
साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिले की तीन बेटियों को सम्मानित किए जाने का निर्णय किया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। साथ ही इन बेटियों की उपलब्धियों का जिक्र जिला प्रशासन के फेसबुक व ट्विटर अकाउंट पर भी किया जाएगा। कलेक्टर ने ऐसी बेटियों का चयन करने के लिए उप निदेशक महिला अधिकारिता विभाग, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य बीआर मिर्धा कॉलेज, माडी बाई कन्या कॉलेज तथा उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से काम करते हुए सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी स्कूलों में बिटिया गौरव डैश बोर्ड को अपडेट रखने को कहा।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 3 बेटियां हर सेामवार जिलास्तर पर सम्मानित होंगी
खुद का बाल विवाह रुकवाने वाली बेटी होगी ब्रांड एंबेसेडर बैठक में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष मनोज सोनी ने कहा की जहां-जहां बाल विवाह की सूचना या शिकायत प्राप्त होती है, उन मामलों में कार्रवाई किए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन कर फॉलोअप भी किया जाना चाहिए, ताकि यह पता लग सके कि कहीं बाल विवाह को लेकर पाबंद किए जाने के बाद परिजनों ने दूसरी जगह जाकर बाल विवाह तो नहीं करा दिया है। इस सुझाव पर कलेक्टर ने बाल विवाह से जुड़े मामलों में तीन दिन, पांच दिन एवं उसके बाद 15 दिनों में फॉलोअप करने के विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही जो बालिका नाबालिग होते हुए खुद का विवाह रुकवाती है और तो उसको बाल विवाह रोक जागरूकता अभियान का ब्रांड एंबेसेडर नियुक्त कर सम्मानित किया जाएगा।

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