सहायक अभियंता एवं लाइनमैन को एसीबी कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजा

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तलाशी में कुछ ख़ास नही मिला 

खबर ऑफ इंडिया- की खास खबर नागौर जिले के रिया बड़ी उपखंड में अजमेर एसीबी टीम द्वारा शुक्रवार को रिश्वत के आरोप में पकड़े गए सहायक अभियंता गिरधारी लाल व्यास एवं लाइनमैन जितेंद्र मीणा को शनिवार को एसीबी टीम ने अजमेर के एसीबी कोर्ट में दोनों आरोपियों को पेश किया है। एसीबी कोर्ट में पेश करने के दौरान दोनों की आरोपियों की कोरोना जांच करवाई गई।
जब तक दोनों आरोपियों के कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आए तब तक दोनों ही आरोपियों को एसीबी की निगरानी में कोरोना केयर सेंटर पर रखा गया है । एसीबी न्यायालय द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश के बाद एसीबी संबंधित रिश्वत के मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता को जांच करते हुए कंप्यूटर में कृषि कनेक्शन एवं सामान की एवज में पेरायटी के मामले की भी जांच कर रही है।शुक्रवार को एसीबी टीम प्रभारी डीवाईएसपी अनूप सिंह की अगुवाई में आलनियावास विद्युत सब सेंटर से लाइनमैन जितेंद्र मीणा को सात हजार की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार कर रिया बड़ी सहायक अभियंता कार्यालय पर सहायक अभियंता गिरधारी लाल व्यास के कहने पर रिश्वत लिए जाने के इस मामले में सहायक अभियंता गिरधारी लाल व्यास के कोटडा स्थित आवास पर शुक्रवार की शाम एसीबी की टीम ने दबिश देते हुए व्यास की संपत्ति का ब्यौरा जुटाया है।

इस दौरान जानकारी मिली है कि सहायक अभियंता गिरधारी लाल व्यास की संपत्ति का ब्यौरा जुटाने में एसीबी टीम को कोई खास संपति का ब्योरा हाथ नहीं लगा है। अजमेर एसीबी टीम पुलिस उप अधीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि एक दिन पहले शुक्रवार को ट्रेप कर गिरफ्तार किए गए नागौर जिले में डिस्कॉम के रियांबड़ी सहायक अभियंता कार्यालय के सहायक अभियंता गिरधारी लाल व्यास व लाइनमेन जीतू उर्फ जितेंद्र मीणा को आज शनिवार को अजमेर एसीबी ने न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेजने के आदेश हो गए है। फिलहाल दोनों आरोपियों की कोरोना जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में कोविड केयर सेंटर में रखा गया है। उधर, अजमेर एसीबी के एडिशनल एसपी सतनाम सिंह के नेतृत्व में टीम ने सहायक अभियंता गिरधारीलाल व्यास के अजमेर स्थित मकान की तलाश भी पूरी कर ली है। तलाशी में कुछ खास नहीं मिला है। व्यास व लाइनमैन जीतू उर्फ जितेन्द्र मीणा को परिवादी नौरतलाल रेगर निवासी आलनियावास से कृषि कनेक्शन के सामान ईश्यू करने की एवज में 7 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अजमेर के अनूपसिंह ने बताया कि कार्रवाई के बाद आरोपी सहायक अभियंता गिरधारीलाल व्यास व लाइनमेन जीतू उर्फ जितेन्द्र मीणा को गिरफ्तार कर अजमेर ले जाया गया था। गिरफ्तारी बाद आज शनिवार को दोनों को अजमेर एसीबी न्यायालय में पेश किया किया गया, जहां से दोनों को जेल भेजने के आदेश हो गए है। फिलहाल दोनों आरोपियों की कोरोना जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में कोविड केयर सेंटर में रखा गया है।

कुछ खास हाथ नहीं लगा
अजमेर एसीबी टीम द्वारा नागौर जिले के रियांबड़ी में सहायक अभियंता व लाइनमैन के ट्रैप कार्रवाई के बाद अजमेर स्थित आरोपी गिरधारीलाल व्यास के घर टीम ने अपनी तलाशी पूरी कर ली है। इस दौरान टीम को यहां कुछ भी विशेष नहीं मिला है।

यह था पूरा मामला

रियांबड़ी उपखंड के आलनियावास स्थित विद्युत निगम कार्यालय में अजमेर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने रियां बड़ी सहायक अभियंता व लाइन मेन को सात हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों ने यह राशि परिवादी के कृषि कनेक्शन के सामान ईश्यू करने के लिए मांगी थी। आरोपी सहायक अभियंता गिरधारी लाल व्यास अजमेर का मूल निवासी है तो दूसरा आरोपी लाइन मेन करोली जिले का मूल निवासी है। आरोपी गिरधारी लाल व्यास ने कृषि कनेक्शन के सामान ईश्यू करने के लिए परिवादी नोरत लाल रेगर आलनियावास से 23 जून को सात हजार रुपए रिश्वत राशि की मांग की। शिकायत सत्यापन के बाद रिश्वत राशि जीतू उर्फ जितेन्द्र मीणा लाईनमेन को देने के लिए कहा। जितेन्द्र मीणा ने आरोपी रियां बड़ी सहायक अभियन्ता गिरधारी लाल व्यास के कहे अनुसार परिवादी से सात हजार रुपए रिश्वत राशि 25 जून को कार्यालय कनिष्ठ अभियन्ता, आलनियावास पर परिवादी से ली। जिस पर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सहायक अभियन्ता गिरधारी लाल व्यास को भी रियांबड़ी सहायक कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया गया

ये थे टीम में शामिल

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह के निर्देशन में उप अधीक्षक अनूप सिंह, पुलिस निरीक्षक ​​​​प्रभुलाल, रामचन्द्र,युवराज सिंह, कैलाश चारण, शिव सिंह, त्रिलोक सिंह, राजेश कुमार, श्योपाल इस कार्यवाही में शामिल थे।परिवादी नौरतमल पुत्र भंवर लाल रेगर निवासी आलनियावास ने बताया कि 3 माह से कृषि कनेक्शन के सामान इश्यू के लिए लगातार सहायक अभियंता के पास चक्कर लगा रहा था करीब 2 माह पूर्व फ़ाइल लगाई गई किंतु डिमांड नहीं निकाला गया। परेशान होकर उसे यह कदम उठाना पड़ा रिया बड़ी उपखंड में एसीबी द्वारा रिश्वत के प्रकरण में गिरफ्तारी का यह दूसरा मामला है।

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