शेर को मिले सवा शेर टोल बूथ पर कहावत हुई चरितार्थ

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टोल बूथ पर पुलिस से भिड़े टोल कर्मी
डीएसटी टीम सादी वर्दी और बिना नंबर की गाड़ी में थी जसनगर में डोडा पकड़ने की करी कार्यवाही
DST टीम को टोल बूथ पर टोल कर्मियों ने रोका कार्यवाही में बाधा डालने के प्रयास से गुस्साई टीम।
टोल कर्मचारियों ने DST की मारपीट का वीडियो किया वायरल
पुलिस ने दो टोल कर्मियों को शांति भंग में किया गिरफ्तार अदालत ने जमानत मुचलके पर दोनों आरोपियों को किया रिहा
खबर ऑफ़ इंडिया
रिया बड़ी के जसनगर कस्बे में डीएसटी की टीम द्वारा नशे की खेप में एमपी से पिकअप में भरकर ले जा रहे 7 क्विंटल से अधिक डोडा को बुधवार की शाम जसनगर बस स्टैंड से पीछा कर पकड़ा।सादी वर्दी एवं DST टीम जसनगर बस स्टेंड परडोडा से भरी पिकअप जिसे बस स्टेंड से डीएसटी टीम ने पकड़ाटोल कर्मी एवं डीएसटी टीम का वायरल फुटेजप्राइवेट गाड़ी में डीएसटी की टीम ने यह कार्यवाही की कार्रवाई के पश्चात डीएसटी टीम पकड़ी गई कैंपर एक अन्य वाहन को मेड़ता पुलिस थाने ले जाते समय रास्ते में टोल कर्मियों ने डीएसटी टीम को रोककर टोल कटाने की बात कही जिस पर डीएसटी की टीम ने पुलिसकर्मी होना बताया बावजूद इसके बैरियर नहीं हटाने को लेकर टोल कर्मी पुलिसकर्मियों के साथ उलझ गए मामला हाथापाई तक पहुंच गया ।
आए दिन टोल कर्मियों की इस हठधर्मिता के कारण परेशान लोग कई बार पुलिस एवं प्रशासन के समक्ष शिकायत कर चुके है किंतु डीएसटी की टीम से जब टोल कर्मी उलझे तो टोल कर्मियो के हठधर्मिता एवं लड़ाई झगड़े के व्यवहार की जानकारी इस पुलिस टीम को भी हुई।
टीम अपनी जान जोखिम में लेकर नशे की खेप पकड़ने गई जब ऐसी स्थिति में कोई बाधा उत्पन कर कार्यवाही में व्यवधान पैदा करने वालों को अब पुलिस ईनाम तो शायद ही देगी टोल पर समय बर्बादी से गुस्से में
डीएसटी की टीम पर आरोप लगा की टीम ने टोल कर्मियों के साथ मारपीट की जैसा टोल कर्मियों ने बताया कि डीएसटी की टीम ने टोल कर्मियों के साथ मारपीट की है ।
जब डीएसटी टीम ने बता दिया हम पुलिस वाले हैं यह पुलिस की टीम है बावजूद टोल कर्मी उनसे उनके कार्ड पहचान पत्र मांगने पर अड़े रहे जबकि असामाजिक तत्व होते तो टोल का बैरियर तोड़ भाग जाते ऐसे लोग वहां अपना परिचय देने के लिए नहीं रुकते जबकि टीम ने वास्तविकता बताने के बावजूद टीम को रोकना बाधा उत्पन करना था।
भीलवाड़ा में तस्करों को पकड़ने के दौरान 2 कांस्टेबलों की फायरिंग में मौत के बाद पुलिस इन तस्करों को पकड़ने के लिए अपनी जान जोखिम में रखकर कार्यवाही करती है ऐसे में टोल कर्मियों ने जबरन टीम को रोककर कार्रवाई में बाधा उत्पन्न कि यह तो अच्छा हुआ कि तस्करों की टीम या अन्य तस्कर यहां नहीं पहुंचे जितनी देर टोल कर्मियों ने डीएसटी टीम को उलझाया इतनी देर में शातिर तस्कर संभवतः पकड़ी गई गाड़ी जो डोडे से भरी पिकअप को छुड़ाने में कामयाब हो जाते उस वक्त डीएसटी टीम ही नहीं पूरी पुलिस पर भी बदनामी सांठगांठ का आरोप लगता इस बात को बगैर जाने टोल कर्मी डीएसटी पुलिसकर्मियों से और उन पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए सीसीटीवी कैमरे द्वारा वीडियो वायरल किए है आरोप लगाने वाले टोल कर्मियों पर यह कहावत सटीक बैठती है कि एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी , जबकि टोल कर्मी को इस कृत्य के लिए माफी मांगने के बजाय मारपीट के आरोप लगा पुलिस की विशेष टीम को ही अपराधी जैसा बर्ताव करने का आरोप लगा रहे हैं यह तो डीएसटी टीम का बड़प्पन है कि अभद्रता करने वाले टोल कर्मियों को शांति भंग में ही गिरफ्तार किया है जबकि डीएसटी टीम को रोकने समय बर्बाद करने कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने की धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए था बजाय इसके उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात टोल कर्मियों द्वारा चरितार्थ की जा रही है। टोल कर्मी को डीएसटी टीम का समय बर्बाद करने के लिए माफी मांगनी चाहिए थी बजाई इसके उल्टा पुलिस पर ही वह आरोप लगा रहे हैं।
बुधवार रात की यह पूरी घटना टोल बूथ के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
टोल मैनेजर ने यह लगाया आरोप
टोल इंचार्ज सूर्यवीर सिंह ने बताया कि बुधवार को करीब शाम 7:30 बजे जसनगर से मेड़ता की तरफ जा रही एक बिना नंबर की बोलेरो कैंपर तेज रफ्तार से टोल बूथ पर आई। कैंपर में पुलिस का सायरन बज रहा था। टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने गाड़ी की रफ्तार देखकर डिवाइडर हटा दिया और गाड़ी को हाथ देकर रोका। जब गाड़ी रुकी तो कैंपर में सवार लोगों ने अपने आप को पुलिसकर्मी बताया। उनसे आईडी मांगी गई तो गुस्से में वाहन से नीचे उतरे और टोल प्लाजा कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
टोल इंचार्ज सूर्यवीर सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति ने टोल प्लाजा कर्मचारी के सिर पर पिस्तौल तान दी। इसके बाद टोल प्लाजा के दो कर्मचारियों को पीटते हुए अपनी गाड़ी में बैठा कर मेड़ता थाना ले गए। वहां दोनों को शांति भंग में बंद कर दिया।

सी आई बोले
शिकायतें मिलने पर दो टोल कर्मचारियों को पकड़ा है
वहीं मामले को लेकर जब मेड़ता CI नरपत सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसा कोई मामला नहीं है। टोल बूथ के कर्मचारी आए दिन लोगों से दुर्व्यवहार करते हैं। लगातार शिकायतें आती रहती हैं। इसी को लेकर दो कर्मचारियों को पकड़कर शांति भंग में बंद किया गया था। जिसे रियांबड़ी उपखंड अधिकारी सुरेश के एम के समक्ष गुरुवार को पेश किया गया जहां दोनों टोल कर्मियों को 6 माह के लिए पाबंद कर जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।

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